BHU Handball Competition: पूर्वांचल विश्वविद्यालय को हराकर BHU ने दर्ज की शानदार जीत, MGKVP ने भी मारी बाजी

वाराणसी, 5 नवंबर 2026। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय हैंडबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता 2026 में रोमांचक मुकाबलों का सिलसिला जारी है। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न विश्वविद्यालयों की टीमें अपनी खेल प्रतिभा, रणनीति और दमदार प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। प्रतियोगिता के चौथे दिन मेजबान बीएचयू और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी की टीमों ने शानदार जीत दर्ज कर अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया।

23-17 से BHU ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय को दी शिकस्त

प्रतियोगिता के चौथे दिन प्रातःकालीन सत्र में कोर्ट संख्या-1 पर मेजबान काशी हिंदू विश्वविद्यालय और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। इस मैच में बीएचयू की टीम ने शानदार तालमेल, आक्रामक खेल और प्रभावी रणनीति का प्रदर्शन करते हुए 23-17 से जीत हासिल की।

शुरुआत से ही बीएचयू के खिलाड़ियों ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। टीम के खिलाड़ियों के बीच बेहतर समन्वय और आक्रामक खेल के चलते पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। अंततः मेजबान टीम ने छह गोल के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

काशी विद्यापीठ ने 28-18 से दर्ज की जीत

वहीं, कोर्ट संख्या-2 पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के बीच मुकाबला खेला गया। इस मैच में काशी विद्यापीठ की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 28-18 के अंतर से शानदार जीत दर्ज की। पूरे मैच के दौरान खिलाड़ियों ने आक्रामक रणनीति और बेहतर टीमवर्क का परिचय दिया।

प्रतियोगिता में शामिल सभी विश्वविद्यालयों की टीमें अगले दौर में जगह बनाने के लिए पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर रही हैं। खिलाड़ियों के बीच अनुशासन, खेल भावना और जीत की ललक प्रत्येक मुकाबले को रोमांचक बना रही है।

विश्वविद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद, बीएचयू के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विश्वविद्यालय स्तर पर हैंडबॉल खेल को बढ़ावा देना और उभरती हुई खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों के बीच आपसी सौहार्द, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना भी प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य है।

विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. ए.के. नेमा ने कहा कि खेल आपसी सद्भाव और खेल भावना को बढ़ावा देते हैं। इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

इस अवसर पर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की उपाध्यक्ष प्रो. अर्चना सिंह, आयोजन सचिव डॉ. धीरेंद्र तिवारी, सचिव डॉ. दीपक डोगरा एवं डॉ. कविता वर्मा उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त उप-निदेशक डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. खुर्शीद अहमद एवं डॉ. प्रदीप खलको तथा सहायक निदेशक डॉ. रॉबिन कुमार सिंह, डॉ. हरिराम यादव एवं डॉ. वैभव राय भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के कर्मचारियों राजेश, प्रहलाद, राजकुमार, विजय, राजकुमार, उमा शंकर, विजय बहादुर, मुन्ना, राजेंद्र, शीतला और नरेश का भी सहयोग रहा।

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