BHU के वाणिज्य संकाय में ‘दीपोत्सव’ की धूम, 3,000 दीपों के महाप्रज्वलन से जगमगाया परिसर

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के वाणिज्य संकाय में भव्य सांस्कृतिक समारोह ‘दीपोत्सव’ का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और शास्त्रीय कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण संकाय परिसर में 3,000 दीपों का महाप्रज्वलन रहा, जिसने पूरे परिसर को रोशनी से जगमगा दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संकाय के कार्यकारी संकाय प्रमुख प्रो. ओ.पी. सिंह, छात्र सलाहकार डॉ. वंदना श्रीवास्तव, डॉ. लाल बाबू जायसवाल, डॉ. वंदना सोनकर और डॉ. आशीष कांत सहित संकाय के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर पुष्पगुच्छ अर्पित करके किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। इस दौरान संकाय के प्राध्यापकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर प्रकाश डाला।

कविता, नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

दीपोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में काव्य पाठ समन्वयक गौरव पाण्डेय ने अपनी ओजस्वी कविता “महामना के प्रांगण से काशी का रणघोष” प्रस्तुत की। उनकी प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति ने सभागार में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। वहीं, नृत्य समन्वयक राखी ने अवधी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति के साथ नृत्य विधा का प्रभावी संचालन किया। संगीत समन्वयक आकाश ने उत्कृष्ट संगीत संयोजन और प्रस्तुति के माध्यम से समारोह में समां बांध दिया।

छठ महापर्व से कथक तक, दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

सांस्कृतिक कार्यक्रम में छठ महापर्व पर आधारित विशेष नृत्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही कजरी, विभिन्न लोकनृत्य और शास्त्रीय कथक की प्रस्तुतियों ने भारतीय लोक संस्कृति और शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति की विविधता और क्षेत्रीय परंपराओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली। उपस्थित अतिथियों और प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं प्रस्तुतियों की सराहना की।

3,000 दीपों के महाप्रज्वलन से आलोकित हुआ परिसर

समारोह का सबसे विशेष और यादगार क्षण संकाय परिसर में 3,000 दीपों का महाप्रज्वलन रहा। एक साथ प्रज्वलित हजारों दीपों ने पूरे परिसर को दिव्य रोशनी से भर दिया। दीपों की जगमगाहट ने दीपावली के उत्साह, सकारात्मकता, एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। इस भव्य दृश्य ने समारोह की गरिमा और आकर्षण को और बढ़ा दिया।

जैमिंग सेशन और राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंतिम चरण में जैमिंग सेशन आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने संगीत और मनोरंजन के साथ समारोह का आनंद लिया। इसके बाद वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया गया और राष्ट्रगान के साथ ‘दीपोत्सव’ का समापन हुआ।

इस प्रकार BHU के वाणिज्य संकाय का दीपोत्सव भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, संगीत और कला का सुंदर संगम बनकर सामने आया। 3,000 दीपों के सामूहिक महाप्रज्वलन ने इस आयोजन को विशेष पहचान दी और विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का यादगार मंच प्रदान किया।

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