Varanasi Flower Market: आखिर क्यों महंगे हो गए काशी के फूल? गेंदे-गुलदावदी के दाम सुनकर चौंक जाएंगे!

वाराणसी। धनतेरस और दीपावली से ठीक पहले आंधी-बारिश ने फूल कारोबारियों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

पिछले चार दिनों तक चली आंधी-पानी और बारिश का सीधा असर मलदहिया स्थित फूलमंडी-माला मंडी पर पड़ा है। खेतों में तैयार फसल खराब होने से आवक घट गई है और भाव बेतहाशा चढ़ गए हैं। इससे दीपावली की सजावट और पूजा फीकी पड़ने का डर सताने लगा है।

किसानों का कहना है कि बारिश की वजह से बहुत से खेतों में गेंदे की फसल सड़ गई है। जो फूल बचे हैं, वही मंडी में आ रहे हैं। मांग अधिक और आपूर्ति कम होने से दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

फूलों के भाव बढ़ने की संभावना

धनतेरस, नरक चतुर्दशी और दीपावली पर फूल-माला की मांग कई गुना बढ़ जाती है, ऐसे में आगे भाव और बढ़ने की आशंका है।

फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि थोक में महंगा मिलने से उन्हें भी महंगा बेचना पड़ रहा है। ग्राहक भाव सुनकर वापस लौट जा रहे हैं।

मंडी में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ रही, लेकिन अधिकांश लोग कम मात्रा में ही फूल खरीदकर लौटे। किसान फूल मंडी संचालक ने बताया कि मौसम साफ रहा तो अगले दो दिनों में आसपास के जिलों से आवक बढ़ेगी और भाव में कुछ नरमी आ सकती है।

गेंदे की बड़ी माला पांच हजार रुपए सैकड़े

गुरुवार को मंडी में गेंदे की बड़ी माला 5000 रुपये प्रति सैकड़े तक बिकी। छोटी माला भी 800 से 1000 रुपये प्रति सैकड़े के भाव पर बिकी।

गुलदावदी की माला ने तो सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, वह 6000 से 7000 रुपये प्रति सैकड़े तक पहुंच गई। कमल का फूल 1800 से 2000 रुपये प्रति सैकड़े और देसी गुलाब 200 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिका।

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