वाराणसी में अब तक के सबसे वजनी बच्‍चे का जन्‍म, डॉक्टरों ने हाई रिस्क डिलीवरी को बनाया सफल

वाराणसी। वाराणसी के कबीरचौरा स्थित 100 शय्या युक्त मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में एक खास प्रसव दर्ज किया गया है। यहां पहली बार 4 किलो 530 ग्राम वजन के स्वस्थ शिशु का जन्म हुआ है। गर्भावस्था को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा गया था और प्रसव के दौरान कई चिकित्सकीय चुनौतियां थीं। हालांकि, डॉक्टरों की टीम के बेहतर प्रबंधन से मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

तेलियरगंज निवासी 29 वर्षीय साहिबा बानो ने गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, गर्भावस्था की अवधि 39 सप्ताह और तीन दिन थी। मां का वजन 92 किलोग्राम था और उनका रक्त समूह एबी नेगेटिव था। इन परिस्थितियों को देखते हुए चिकित्सकों ने गर्भावस्था को उच्च जोखिम की श्रेणी में रखा था।

एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप और अधिक वजन ने बढ़ाई चुनौती

अस्पताल में साहिबा बानो को 28 अक्टूबर को भर्ती कराया गया था। प्रसव से पहले उनकी जरूरी जांचें कराई गईं। नॉन स्ट्रेस टेस्ट (NST) का परिणाम रिएक्टिव पाया गया। इसके साथ ही कलर डॉपलर सहित अन्य आवश्यक जांचें भी पूरी की गईं, ताकि प्रसव के दौरान संभावित जोखिमों का आकलन किया जा सके।

चिकित्सकों के सामने एक बड़ी चुनौती नवजात का संभावित अधिक वजन भी था। जन्म के बाद बच्चे का वजन 4 किलोग्राम 530 ग्राम दर्ज किया गया। सामान्य से अधिक वजन वाले नवजात को चिकित्सकीय भाषा में ‘लार्ज फॉर जेस्टेशनल एज’ (Large for Gestational Age) की श्रेणी में रखा जाता है।

जन्म के बाद एसएनसीयू में रखी गई निगरानी

जन्म के तुरंत बाद नवजात को विशेष नवजात देखभाल इकाई (SNCU) में निगरानी के लिए भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की स्थिति पर नजर रखी। इतने अधिक वजन वाले शिशु के जन्म के दौरान कई तरह की जटिलताएं सामने आ सकती हैं, इसलिए प्रसव के बाद भी विशेष देखभाल की गई।

इस प्रसव को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तान्या दिवाड़ी, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. आनंद यादव और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. युसूफ नसीम की टीम ने संपन्न कराया। टीम के समन्वित प्रयासों से मां और बच्चे की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

कबीरचौरा इकाई में पहली बार दर्ज हुआ इतना अधिक वजन

अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में पहली बार 4 किलो 530 ग्राम वजन के शिशु का जन्म दर्ज किया गया है। उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था और अधिक वजन वाले नवजात के बावजूद प्रसव का सुरक्षित प्रबंधन चिकित्सकीय टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

फिलहाल मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर है। डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे की देखभाल जारी है। इस घटना ने एक बार फिर गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, जोखिम की समय पर पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख के महत्व को सामने रखा है।

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