BHU के पूर्व कुलपति को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, APQN Quality Champion Award 2026 से हुए सम्मानित

वाराणसी, 3 नवंबर 2026। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय APQN Quality Champion Award 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, शैक्षणिक मानकों को मजबूत बनाने और संस्थागत उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में उनके आजीवन योगदान के लिए प्रदान किया गया है।

यह प्रतिष्ठित सम्मान एशिया-पैसिफिक क्वालिटी नेटवर्क (APQN) की ओर से दिया गया है। प्रो. सिंह का चयन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव, शैक्षणिक नेतृत्व और गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए किया गया।

अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने किया चयन

प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह को यह सम्मान 30 अक्टूबर 2026 को पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल की संस्तुति और एशिया-पैसिफिक क्वालिटी नेटवर्क के बोर्ड की स्वीकृति के बाद उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया।

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यह पुरस्कार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के नए मानक स्थापित करने और शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करता है। प्रो. सिंह को मिला यह सम्मान उनके शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।

UGC और NAAC में भी निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी

प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों में शामिल हैं। वे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति रहने के साथ-साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के चेयरमैन और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

वर्तमान में वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के कुलाधिपति के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव के माध्यम से उन्होंने देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार और संस्थागत विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से रहा जुड़ाव

प्रो. सिंह एक जाने-माने पर्यावरणविद् और शिक्षाविद भी हैं। वे मध्य प्रदेश के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलपति के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा देश की विभिन्न शीर्षस्थ अकादमिक और प्रशासनिक समितियों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता आधारित शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य किया है।

उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए आजीवन योगदान को मिली पहचान

APQN Quality Champion Award 2026 के माध्यम से प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह के उन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना रहा है।

उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक योगदान का सम्मान है, बल्कि भारतीय उच्च शिक्षा जगत के लिए भी गौरव का विषय है। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले अन्य शिक्षाविदों एवं संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।

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