BHU में छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का फैशन शो के साथ समापन, 76 प्रतिभागियों ने दिखाए डिजाइन के हुनर

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के दृश्य कला संकाय स्थित चित्रकला विभाग के टेक्सटाइल डिजाइन अनुभाग में आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला ‘डिजाइन प्रोसेस’ का समापन शनिवार को भव्य फैशन शो के साथ हुआ। इस दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 76 प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता, डिजाइन कौशल और नवाचार का प्रदर्शन किया। फैशन शो में पारंपरिक कला और आधुनिक परिधानों का अनूठा संगम देखने को मिला।

यह राष्ट्रीय कार्यशाला SRICC के तत्वावधान में आयोजित की गई। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को टेक्सटाइल डिजाइन की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने डिजाइन की अवधारणा विकसित करने से लेकर अंतिम परिधान तैयार करने तक के विभिन्न चरणों को समझा और उन पर प्रयोग किए।

फैशन शो में दिखी पारंपरिक कला और आधुनिकता की झलक

कार्यशाला के समापन अवसर पर आयोजित फैशन शो प्रतिभागियों की रचनात्मक उपलब्धियों का प्रमुख आकर्षण रहा। प्रतिभागियों ने अपने तैयार किए गए परिधानों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। इन डिजाइनों में पारंपरिक कलात्मक अभिव्यक्ति के साथ समकालीन फैशन ट्रेंड, उपयोगिता और तकनीकी समझ का समन्वय दिखाई दिया।

परिधानों के रंग-संयोजन, कपड़ों के चयन, डिजाइन की मौलिकता और प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों को नए डिजाइन के रूप में विकसित करते हुए यह दिखाया कि टेक्सटाइल डिजाइन केवल कपड़ों की सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शोध, रचनात्मक सोच, तकनीकी ज्ञान और उपयोगिता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

स्मार्ट क्लोदिंग से लिंजरी तक तैयार किए गए परिधान

छह दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को टेक्सटाइल डिजाइन की विभिन्न श्रेणियों में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने सांस्कृतिक वस्त्रों, स्मार्ट क्लोदिंग, फंक्शनल क्लोदिंग और लिंजरी जैसी श्रेणियों में परिधान विकसित किए।

कार्यशाला के दौरान विषय चयन, अवधारणा विकास, शोध, स्केचिंग, सामग्री चयन और परिधान निर्माण जैसे महत्वपूर्ण चरणों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों को रचनात्मक डिजाइन में बदलने के लिए विभिन्न सामग्रियों और तकनीकों का प्रयोग किया। इस प्रक्रिया ने उन्हें डिजाइन की कल्पना से लेकर उसके व्यावहारिक रूप तक पहुंचने का अनुभव प्रदान किया।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुई कार्यशाला

कार्यशाला में अंग्रेजी विभाग, बीएचयू की प्रो. आरती निर्मल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यशाला का समन्वयन संकाय प्रमुख प्रो. जस्मिंदर कौर ने किया, जबकि आयोजिका डॉ. किरन गुप्ता और टेक्सटाइल डिजाइन विशेषज्ञ श्याम शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिभागियों को डिजाइन प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को समझने और अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर मिला।

प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाणपत्र

कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। छह दिनों तक चले इस आयोजन ने प्रतिभागियों को अपनी कल्पनाशीलता को परिधानों के माध्यम से व्यक्त करने, नए प्रयोग करने और टेक्सटाइल डिजाइन की व्यावहारिक बारीकियां सीखने का अवसर दिया।

बीएचयू में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला ने फैशन और टेक्सटाइल डिजाइन के क्षेत्र में रचनात्मकता, नवाचार तथा पारंपरिक कला को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ने की संभावनाओं को सामने रखा। समापन समारोह का फैशन शो इसी रचनात्मक प्रक्रिया का प्रभावशाली प्रदर्शन रहा।

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