जौनपुर-मुंगराबादशाहपुर के बीच बनेगा 1400 करोड़ का फोरलेन, 2 घंटे का सफर 50 मिनट में होगा पूरा

जौनपुर। पूर्वांचल में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। जौनपुर से मुंगराबादशाहपुर के बीच करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन सड़क का निर्माण कराया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना की घोषणा की है। परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और जून 2027 तक इसका अवार्ड कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने की बात कही गई है। इस फोरलेन के बनने से जौनपुर से प्रयागराज के बीच आवागमन पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, वर्तमान में जौनपुर से मुंगराबादशाहपुर के बीच यात्रा में करीब दो घंटे लगते हैं। फोरलेन सड़क बनने के बाद यह दूरी लगभग 50 मिनट से एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही जौनपुर और प्रयागराज के बीच यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

जौनपुर को मिली सड़क परियोजनाओं की सौगात

राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी ने इस परियोजना को जनपद के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के सामने क्षेत्र की अन्य सड़क समस्याओं और आवश्यकताओं को भी रखा। इनमें नडार में अंडरपास पुल का निर्माण, बेलवा-मुंगराबादशाहपुर मार्ग पर गडिवा गांव में अंडरपास और बेलवा से मुंगराबादशाहपुर तक खराब सड़क का दुरुस्तीकरण शामिल है।

इसके अलावा जंघई से मुंगराबादशाहपुर तक सड़क चौड़ीकरण की मांग भी उठाई गई, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताई। पिपरी घाट पर पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव देने को कहा गया है। वहीं, शाहगंज से बदलापुर होते हुए धीरदासपुर जाने वाले मार्ग को सुजानगंज से जोड़ने की मांग पर भी प्रस्ताव मांगा गया है।

कृपाशंकर सिंह ने सौंपे तीन सड़क परियोजनाओं के प्रस्ताव

महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को जौनपुर से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के प्रस्ताव सौंपे।

उन्होंने जौनपुर से प्रयागराज होते हुए मुंगराबादशाहपुर, बदलापुर और शाहगंज के रास्ते गोरखपुर तक जाने वाले मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर फोरलेन बनाने की मांग की। इसके साथ ही केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत मुंगराबादशाहपुर से जंघई तक लगभग 18 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण और उच्चीकरण की स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

कृपाशंकर सिंह के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया और आगे की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से मजबूत होगी पूर्वांचल की कनेक्टिविटी

पूर्वांचल और आसपास के जिलों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गोरखपुर से शामली तक छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जाने की जानकारी दी।

वहीं, गाजीपुर से मांझी घाट तक चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने से गाजीपुर और बलिया का बिहार के बक्सर, छपरा और पटना से संपर्क बेहतर होगा। इस मार्ग से मांझी घाट पहुंचने में लगने वाला समय चार घंटे से घटकर करीब डेढ़ घंटे होने की उम्मीद है।

इसके अलावा बाराबंकी से बहराइच तक 102 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी, जो लखनऊ-रुपईडीहा अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोर का हिस्सा होगी। मिर्जापुर से जौनपुर होते हुए अयोध्या तक फोरलेन सड़क निर्माण की योजना भी महत्वपूर्ण है। इससे जौनपुर से अयोध्या की यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर लगभग डेढ़ से पौने दो घंटे रह सकता है।

2500 करोड़ की लागत से बनेंगी बैरिया-आरा और मऊ-बलिया सड़कें

अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं में बैरिया-आरा फोरलेन सड़क भी शामिल है, जिस पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका अवार्ड मार्च 2027 तक प्रस्तावित है। वहीं, मऊ-बलिया फोरलेन सड़क परियोजना पर भी लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका अवार्ड जून तक किए जाने की योजना है।

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वांचल में सड़क परिवहन, व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय आवागमन को गति मिलने की उम्मीद है। खासकर जौनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या के बीच बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल सकती है।

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