UP Marriage Scheme: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नियमों में बदलाव किया गया है. अब योजना के तहत शादी करने वाली बेटियों को चांदी की पायल और बिछिया नहीं दी जाएंगी. सरकार ने इनकी जगह 21 हजार रुपये की कीमत के उपहार देने का फैसला किया है. इसके साथ ही वधू के बैंक खाते में मिलने वाली सहायता राशि भी बढ़ा दी गई है. अब पहले के 60 हजार रुपये की जगह 64 हजार रुपये दिए जाएंगे.
वाराणसी में 1210 जोड़ों की शादी का लक्ष्य
वाराणसी जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुल 1210 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से अब तक 628 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है. बाकी 582 जोड़ों की शादी नवंबर के आखिरी सप्ताह में कराने की तैयारी है. इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. विभाग की ओर से नए नियमों के अनुसार दुल्हनों को दिए जाने वाले उपहारों की व्यवस्था की जा रही है.
अब तक इस तरह मिलती थी सहायता
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार एक बेटी की शादी पर कुल एक लाख रुपये खर्च करती है. पहले इस रकम में से 15 हजार रुपये शादी के आयोजन पर खर्च किए जाते थे. वहीं, 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में भेजे जाते थे. इसके अलावा 25 हजार रुपये की कीमत के चांदी के जेवर दिए जाते थे. इनमें 30 ग्राम की एक जोड़ी पायल और 10 ग्राम की दो जोड़ी बिछिया शामिल थीं.

चांदी महंगी होने से बदले गए नियम
पिछले कुछ समय में चांदी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसके कारण तय बजट में चांदी के जेवर खरीदने में परेशानी आ रही थी. कीमत बढ़ने के साथ जेवरों का वजन भी कम करना पड़ रहा था. इसी वजह से सरकार ने योजना में बदलाव किया है. अब 25 हजार रुपये के चांदी के जेवर की जगह 21 हजार रुपये की कीमत के उपहार दिए जाएंगे. शादी के आयोजन पर खर्च होने वाले 15 हजार रुपये में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
दुल्हनों को मिलेंगे ये सामान
नए नियम के तहत वधू को उपहार के रूप में फाइबर का बॉक्स दिया जाएगा. इसमें मेकअप का सामान रखा होगा. इसके अलावा पांच साड़ियां, डिनर सेट, कुकर, ट्रॉली बैग, आयरन प्रेस, सीलिंग फैन, कंबल और गद्दा समेत कई जरूरी सामान दिए जाएंगे. वहीं, वधू के बैंक खाते में अब 64 हजार रुपये भेजे जाएंगे. इस तरह सरकार की ओर से शादी पर कुल एक लाख रुपये ही खर्च किए जाएंगे.
चांदी की कीमतों में तेजी बनी बदलाव की वजह
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में चांदी की कीमत करीब 1.03 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी. अगस्त-सितंबर तक यह बढ़कर 1.20 लाख रुपये हो गई. सितंबर में कीमत 1.38 लाख और दिसंबर में 2.14 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई. नवंबर 2026 में चांदी का भाव करीब 2.02 लाख रुपये बताया गया. जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दूबे के मुताबिक, नए नियमों के तहत चांदी के सामान नहीं दिए जाएंगे. उपहारों की गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है.
