वाराणसी, 13 अक्टूबर 2026: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शिक्षा संकाय, कमच्छा परिसर में मंगलवार को विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से ‘लाइफ सेविंग स्किल्स’ (आपातकालीन जीवन रक्षण) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR), स्ट्रोक और हृदय संबंधी आपातकालीन स्थितियों की पहचान के साथ समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के बारे में जानकारी दी गई।

ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों ने दी आपातकालीन चिकित्सा सहायता की जानकारी
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय द्वारा 27 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना के क्रम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर की प्रो. मंजरी मिश्रा के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने विद्यार्थियों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। टीम में डॉ. एस. पी. मिश्रा और डॉ. प्रखर शामिल रहे।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में लक्षणों की समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को CPR, स्ट्रोक तथा एक्यूट कोरोनरी डिजीज यानी हृदय से जुड़ी गंभीर आपातकालीन स्थितियों के प्रमुख लक्षणों, उनसे जुड़े जोखिमों और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता के बारे में विस्तार से समझाया।
CPR और जीवन रक्षक उपायों का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। चिकित्सकों की टीम ने जीवन रक्षक उपायों का प्रदर्शन किया और विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने या गंभीर स्वास्थ्य आपातस्थिति में उचित सहायता के लिए किस प्रकार प्रतिक्रिया करनी चाहिए।
विशेषज्ञों ने समय पर सही कदम उठाने, आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाने और प्रशिक्षित तरीके से प्राथमिक सहायता देने के महत्व पर जोर दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में जीवन रक्षक कौशल के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना भी था।

विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता और मानवीय संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि आपातकालीन स्थिति में जागरूकता, त्वरित निर्णय और समय पर चिकित्सा सहायता किसी व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, मानवीय संवेदनशीलता और संकट की परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसका संयोजन शिक्षा संकाय के विद्यार्थी सलाहकार एवं सह-आचार्य डॉ. सोमू सिंह ने किया।
बीएचयू के शिक्षा संकाय में आयोजित यह पहल विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल से परिचित कराने और उन्हें आवश्यकता पड़ने पर स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सहायता के लिए तत्पर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
