वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरुवार शाम एक मकान में हुए जोरदार धमाकों से सारनाथ थाना क्षेत्र का पैगंबरपुर इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि करीब 30 वर्ष पुराना दो मंजिला मकान ढह गया और आसपास के लगभग 10 मकानों को नुकसान पहुंचा। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जबकि उसके 12 वर्षीय बेटे को भी चोटें आईं। महिला और बच्चे को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी 10 वर्षीय बेटी को मामूली चोटें आई हैं।
तीन जोरदार धमाकों से दहला इलाका
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 4:50 बजे सारनाथ के पैगंबरपुर स्थित राजू खान के मकान से पहले एक-दो पटाखों जैसी आवाजें सुनाई दीं। कुछ ही सेकंड बाद तीन जोरदार धमाके हुए और देखते ही देखते दो मंजिला मकान ढह गया।
धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी। आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों को लगा कि भूकंप आ गया है। कई घरों के दरवाजे और खिड़कियों के शीशे टूट गए। लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के आसपास की गली में धुआं भर गया, जिससे कुछ समय तक लोगों को स्थिति समझने में परेशानी हुई।
हादसे के समय मकान में राजू खान की पत्नी चांदनी बेगम, बेटा आदिल और बेटी अरीबा मौजूद थे। चांदनी बेगम करीब 85 से 90 प्रतिशत तक झुलस गईं। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। बेटे आदिल के सिर और कलाई में चोट आई है, जबकि बेटी अरीबा को मामूली चोटें आईं।

घटना की सूचना मिलते ही सारनाथ पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान मलबे से बड़ी मात्रा में अनार और शादी-विवाह में इस्तेमाल होने वाले बम जैसे पटाखे बरामद हुए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के अनुसार, मलबे से मिले पटाखों से मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, विस्फोट के सटीक कारण और उसमें इस्तेमाल बारूद के स्रोत की जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवादी गतिविधि की आशंका के मद्देनजर एटीएस को भी मौके पर बुलाया गया। एटीएस के सीओ विपिन राय ने बताया कि पटाखे बनाने के लिए बारूद कहां से लाया गया था, इसकी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस मुठभेड़ में आरोपी राजू खान घायल
घटना के बाद देर रात पुलिस ने आरोपी राजू खान को पकड़ने के लिए कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, सरायमोहना के पास झाड़ियों में मौजूद राजू ने पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके दाएं पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीसीपी राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, आरोपी के पास से एक तमंचा, कारतूस के दो खोखे और 170 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि राजू की गोली एक दारोगा की बुलेटप्रूफ जैकेट को छूकर निकल गई।
दो पुलिसकर्मी निलंबित, पुराने मामले भी जांच के दायरे में
घटना के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट प्रभारी कांस्टेबल प्रकाश चंद्र यादव को निलंबित कर दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घनी आबादी वाले इलाके में कथित तौर पर पटाखे बनाने का काम कैसे चल रहा था और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को थी या नहीं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजू खान पहले सरैया में रहता था। वर्ष 1991 में पटाखे बनाते समय हुए विस्फोट में उसके पिता मतीउल्ला की मौत हो गई थी और राजू भी झुलस गया था। पड़ोसी रामपोश के अनुसार, कोरोना काल में पुलिस ने राजू को पटाखों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह करीब छह महीने पहले जेल से छूटकर आया था।
घनी आबादी और पांच फीट की संकरी गली में हुए इस हादसे ने अवैध विस्फोटक निर्माण से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को फिर उजागर किया है। फिलहाल पुलिस विस्फोट के कारणों, बारूद की आपूर्ति और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
