₹37.67 लाख का चेक बाउंस पड़ा भारी, Ridish Pesticides के प्रोपराइटर अखिलेश शर्मा गिरफ्तार

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Mass Crop Science Pvt. Ltd. की शिकायत पर हुई कार्रवाई, चंडीगढ़ कोर्ट ने बकाया राशि के साथ 6% वार्षिक ब्याज देने का दिया आदेश

चंडीगढ़। कृषि रसायन और कीटनाशक कारोबार से जुड़े एक चेक बाउंस मामले में चंडीगढ़ की अदालत ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी अखिलेश शर्मा, प्रोपराइटर Ridish Pesticides, के खिलाफ अहम फैसला सुनाया है। मामला Mass Crop Science Pvt. Ltd. की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से संबंधित है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस टीम ने आरोपी अखिलेश शर्मा को गिरफ्तार किया।

मामला कृषि रसायनों और कीटनाशकों की खरीद-बिक्री से जुड़े भुगतान का है। शिकायतकर्ता कंपनी Mass Crop Science Pvt. Ltd. के अनुसार, Ridish Pesticides के प्रोपराइटर अखिलेश शर्मा ने कंपनी से समय-समय पर कीटनाशक और कृषि रसायन की सप्लाई ली थी। इन सामानों के भुगतान के लिए आरोपी की ओर से ₹37,67,778 का चेक जारी किया गया था।

29 अगस्त 2022 को जारी हुआ था चेक

मामले के विवरण के मुताबिक, 29 अगस्त 2022 को Union Bank, Powayan, Shahjahanpur (उत्तर प्रदेश) से चेक संख्या 024646 जारी किया गया था। शिकायतकर्ता कंपनी ने जब इस चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया तो चेक का भुगतान नहीं हो सका। बैंक की ओर से चेक को “Account Blocked” कारण बताते हुए वापस कर दिया गया।

चेक के बाउंस होने के बाद कंपनी ने बकाया राशि की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की। Mass Crop Science Pvt. Ltd. की ओर से 23 सितंबर 2022 को अखिलेश शर्मा को कानूनी नोटिस भेजा गया। नोटिस के जरिए निर्धारित समय में बकाया राशि का भुगतान करने के लिए कहा गया था। हालांकि, शिकायत के अनुसार तय अवधि में भुगतान नहीं किया गया।

अदालत में पहुंचा मामला

भुगतान नहीं होने के बाद कंपनी ने चंडीगढ़ की अदालत का रुख किया। शिकायत परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत दाखिल की गई। इस धारा के तहत चेक बाउंस से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष चेक, बैंक से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। मामले की सुनवाई Judicial Magistrate First Class, Chandigarh की अदालत में हुई। मामले का नंबर CHCH030220712022 बताया गया है।

₹37.67 लाख की भरपाई के साथ ब्याज का आदेश

अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद 30 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने Ridish Pesticides के प्रोपराइटर अखिलेश शर्मा को धारा 138 के तहत दोषी करार दिया।

अदालत के आदेश के अनुसार, अखिलेश शर्मा को ₹37,67,778 की बकाया राशि की भरपाई करनी होगी। इसके साथ ही 29 अगस्त 2022 से 30 सितंबर 2026 तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश भी दिया गया है। यानी लंबे समय से लंबित भुगतान पर मूल राशि के अतिरिक्त ब्याज का भी भार पड़ा है।

कारोबारियों के लिए भी बना महत्वपूर्ण मामला

यह मामला कारोबार में समय पर भुगतान और चेक जारी करते समय बैंक खाते की स्थिति सुनिश्चित करने की जरूरत को भी सामने लाता है। चेक के जरिए होने वाले व्यावसायिक लेन-देन में भुगतान असफल होने पर संबंधित पक्ष कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले सकता है।

इस मामले में शिकायतकर्ता Mass Crop Science Pvt. Ltd. है, जबकि आरोपी पक्ष Ridish Pesticides के प्रोपराइटर अखिलेश शर्मा हैं। उपलब्ध मामले के विवरण के अनुसार, ₹37.67 लाख की बकाया राशि, चेक बाउंस और उसके बाद शुरू हुई कानूनी कार्रवाई के चलते यह मामला अदालत तक पहुंचा और सितंबर 2026 में इस पर फैसला आया।

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