वाराणसी, 23 अक्टूबर 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केरल से आए 55 सदस्यीय युवा दल का स्वागत किया गया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पहल ‘युवा संगम’ के अंतर्गत वाराणसी पहुंचे इस दल में 50 विद्यार्थी और पांच शिक्षक शामिल हैं। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), पलक्कड़ के नेतृत्व में यह दल 22 से 28 अक्टूबर 2026 तक वाराणसी के भ्रमण पर है।
यह कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, खान-पान, परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और विकास संबंधी पहलों से परिचित कराना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की विविधता को करीब से समझने और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर मिलता है।
महामना मालवीय भवन में हुआ स्वागत समारोह
केरल से आए युवा दल के स्वागत में 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय भवन में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों का स्वागत करने के साथ उन्हें काशी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना था।
वाराणसी अपने प्राचीन मंदिरों, गंगा घाटों, आध्यात्मिक परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां का भ्रमण केरल से आए विद्यार्थियों के लिए उत्तर भारत की जीवनशैली, सामाजिक परिवेश और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करेगा।

वृक्षारोपण के जरिए दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्वागत समारोह के बाद विश्वविद्यालय के उद्यान विशेषज्ञ इकाई के तत्वावधान में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें केरल से आए दल के सदस्यों ने भी भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।
वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के साथ प्रकृति संरक्षण में सामूहिक भागीदारी का संदेश भी देते हैं। इस पहल ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ पर्यावरणीय जागरूकता को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मिलेगा बढ़ावा
‘युवा संगम’ का प्रमुख उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के युवाओं के बीच संवाद, आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत विद्यार्थी दूसरे राज्यों की संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और सामाजिक जीवन को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकते हैं।
वाराणसी प्रवास के दौरान केरल का यह दल उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले विभिन्न स्थलों का भ्रमण करेगा। इससे विद्यार्थियों को क्षेत्र की विरासत और स्थानीय परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आयोजित यह स्वागत कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सद्भाव, पर्यावरण जागरूकता और युवाओं की सार्थक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ‘युवा संगम’ जैसे कार्यक्रम भारत की विविधता में एकता की भावना को मजबूत करने और देश के युवाओं के बीच दीर्घकालिक संबंध विकसित करने में सहायक हैं।
