वाराणसी में SIR के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

वाराणसी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने वाराणसी में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कचहरी स्थित शास्त्री घाट पर एकत्र होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी उठाई।

आम आदमी पार्टी वाराणसी की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, मतदाताओं के नाम हटाए जाने से संबंधित इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसके आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लेखिका आयुषी कर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश में फॉर्म-6 के आवेदनों और अंतिम मतदाता सूची में जोड़े गए नामों के आंकड़ों के बीच अंतर का दावा किया गया।

विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर फॉर्म-6 के आवेदनों की संख्या 71.38 लाख बताई गई, जबकि अंतिम मतदाता सूची में 84.30 लाख नाम जोड़े जाने का उल्लेख किया गया। पार्टी ने दोनों आंकड़ों के बीच 12.92 लाख के अंतर पर सवाल उठाते हुए संबंधित आंकड़ों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। इन आंकड़ों और उनके संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि होना अभी आवश्यक है।

AAP की विज्ञप्ति में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए तरबगंज और पीलीभीत विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दिए गए आवेदनों को लेकर भी चिंता जताई गई। पार्टी ने दावा किया कि इन क्षेत्रों में लगभग 90 प्रतिशत आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ थे। विज्ञप्ति में रेशमा नाम की एक मतदाता के नाम पर 188 आपत्तियां दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और फॉर्म-6 में बदलावों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी सवाल उठाए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं। पार्टी ने इन मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं की शिकायतों का निष्पक्ष समाधान करने की मांग की।

पार्टी ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा। AAP ने संसद से लेकर सड़क तक और न्यायिक मंचों पर भी अपनी मांगें उठाने की बात कही।

ये पदाधिकारी रहे मौजूद

प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल, जिला महासचिव घनश्याम पांडे, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, मनीष कुमार गुप्ता, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अब्दुल्ला खान, अभिषेक सिंह, गुलाब सिंह राठौड़, सरोज शर्मा, अमर सिंह पटेल, शारदा टंडन, मोहिनी महेंद्रु, प्रिया पटेल, शहनवाज खान, मोहम्मद कुड्डूस, कांता प्रसाद गिहार, वाहिद खान और छेदी लाल श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रेस विज्ञप्ति जारीकर्ता: घनश्याम पांडे, जिला मीडिया प्रभारी, आम आदमी पार्टी, वाराणसी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *