वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रसूति एवं स्त्री रोग से जुड़े नवीनतम चिकित्सकीय और शोध संबंधी विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श होने जा रहा है। आयुर्वेद संकाय के प्रसूति तंत्र विभाग की ओर से PRASUTICON 2.0 – “Clinical and Research Advancements in Women’s Health: From Text to Practice” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन का आयोजन 7 से 9 अक्टूबर 2026 तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय में होगा।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य महिला स्वास्थ्य से जुड़े चिकित्सकीय ज्ञान, शोध और उसके व्यावहारिक उपयोग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। सम्मेलन में महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेषज्ञों के बीच चर्चा और विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है। सम्मेलन का विषय भी इसी दिशा को दर्शाता है, जिसमें पारंपरिक एवं शास्त्रीय ज्ञान से लेकर आधुनिक क्लिनिकल और रिसर्च आधारित प्रैक्टिस तक की यात्रा पर विशेष जोर दिया गया है।
3 अक्टूबर को होगी पत्रकार वार्ता
सम्मेलन से जुड़ी विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा करने के लिए 3 अक्टूबर 2026 को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया है। यह पत्रकार वार्ता दोपहर 1 बजे आयोजित होगी। इसका आयोजन धन्वन्तरि भवन स्थित समिति कक्ष, डीन कार्यालय के निकट, आयुर्वेद संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में किया जाएगा।

प्रसूति तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपा मिश्रा ने सम्मेलन के संबंध में जानकारी दी है। विश्वविद्यालय की ओर से मीडिया प्रतिनिधियों को पत्रकार वार्ता में आमंत्रित किया गया है, जहां PRASUTICON 2.0 के आयोजन, उद्देश्य, विषय-वस्तु और सम्मेलन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
महिला स्वास्थ्य पर केंद्रित होगा सम्मेलन
महिला स्वास्थ्य आज चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है। प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबंधित जटिलताओं, बेहतर उपचार पद्धतियों, शोध और क्लिनिकल प्रैक्टिस में नवीन प्रगति को लेकर विशेषज्ञों के बीच लगातार संवाद की आवश्यकता महसूस की जाती है। ऐसे में PRASUTICON 2.0 का आयोजन चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और संबंधित विशेषज्ञों के लिए विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
सम्मेलन का “From Text to Practice” विषय इस बात पर केंद्रित है कि चिकित्सा के शास्त्रीय एवं शोध आधारित ज्ञान को किस प्रकार व्यावहारिक चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जाए। आयुर्वेद के संदर्भ में यह पहल विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इससे पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और आधुनिक शोध एवं क्लिनिकल अनुभवों के बीच संवाद को बढ़ावा मिल सकता है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय लंबे समय से चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन महिला स्वास्थ्य से जुड़े नए विचारों, शोध और चिकित्सकीय अनुभवों को साझा करने का मंच प्रदान करेगा।
