BHU Recon 2026: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में 31 अक्टूबर से रेडियोलॉजी एवं मेडिकल इमेजिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख विशेषज्ञों का जमावड़ा लगेगा। संस्थान के रेडियोडायग्नोसिस एवं इमेजिंग विभाग के तत्वावधान में इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए), उत्तर प्रदेश चैप्टर का 38वां दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन ‘रिकॉन 2026’ आयोजित किया जाएगा। 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, बीमारियों की सटीक पहचान और उपचार की नवीन विधियों पर चर्चा होगी।
31 अक्टूबर को होगा सम्मेलन का उद्घाटन
सम्मेलन का आयोजन बीएचयू स्थित इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन (आईयूसीटीई) में किया जाएगा। 31 अक्टूबर को शाम चार बजे उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. संखवार सम्मेलन के संरक्षक हैं।
आयोजन अध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार सिंह, आयोजन सचिव प्रो. ईशान कुमार और वैज्ञानिक संयोजक प्रो. आशीष वर्मा ने बताया कि सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

एम्स से लेकर एसजीपीजीआई तक के विशेषज्ञ होंगे शामिल
‘रिकॉन 2026’ में एम्स नई दिल्ली, एम्स ऋषिकेश, एम्स रायपुर, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ, निमहांस बेंगलुरु और एसएमएस जयपुर सहित देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ अपनी भागीदारी करेंगे।
सम्मेलन में विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध, तकनीकी विकास तथा चिकित्सा निदान की आधुनिक पद्धतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। इससे चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को नई जानकारियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक और कैंसर की आधुनिक जांच पर चर्चा
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान तीन सभागारों में व्याख्यान, पैनल चर्चाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। वैज्ञानिक सत्रों में ब्रेन ट्यूमर और स्ट्रोक की इमेजिंग, लिवर कैंसर के बिना ऑपरेशन उपचार से जुड़ी तकनीकों, स्तन कैंसर की जांच तथा हृदय की एमआरआई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा पेट, हड्डियों और जोड़ों की इमेजिंग तथा बच्चों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। इन सत्रों का उद्देश्य चिकित्सकों को बेहतर निदान और रोगियों की देखभाल में सहायक नवीन विधियों से परिचित कराना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेक्ट्रल सीटी पर रहेगा फोकस
सम्मेलन में चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से उपयोग की जा रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर भी विशेष चर्चा होगी। इसके साथ स्पेक्ट्रल सीटी, विकिरण सुरक्षा और पीसीपीएनडीटी अधिनियम से जुड़े पहलुओं को भी वैज्ञानिक कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
विशेषज्ञ इन तकनीकों के उपयोग, उनकी उपयोगिता और चिकित्सा जांच में उनकी भूमिका पर विचार साझा करेंगे। बदलती तकनीक के दौर में रेडियोलॉजी सेवाओं की गुणवत्ता और सटीकता बढ़ाने के लिए ऐसे विषय महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
डॉ. अनित परिहार प्रस्तुत करेंगे प्रतिष्ठित पन्नालाल ओरेशन
सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में केजीएमयू, लखनऊ के डॉ. अनित परिहार द्वारा प्रतिष्ठित पन्नालाल ओरेशन प्रस्तुत करना शामिल है। इसके अलावा रेजिडेंट डॉक्टरों के शोध पत्रों और पोस्टर प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। प्रतिभागियों के ज्ञान और कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए रेडियोलॉजी क्विज तथा विभिन्न पुरस्कार कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
आधुनिक चिकित्सा निदान को मिलेगा बढ़ावा
आयोजकों के अनुसार, ‘रिकॉन 2026’ रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग के क्षेत्र में विकसित हो रही नई तकनीकों और निदान की आधुनिक विधियों को समझने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन के माध्यम से विशेषज्ञों, शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को ज्ञान साझा करने तथा शोध और तकनीकी विकास से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे चिकित्सा शिक्षा और रोगों की सटीक पहचान से संबंधित बेहतर प्रथाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
