BHU के प्रो. एस.बी. अग्रवाल को मिलेगा प्रतिष्ठित पंचानन माहेश्वरी मेडल-2026, ओजोन प्रदूषण पर शोध के लिए हुआ चयन

वाराणसी, 5 अक्टूबर 2026। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के वनस्पति विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. एस.बी. अग्रवाल को वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय शोध कार्यों के लिए प्रतिष्ठित प्रोफेसर पंचानन माहेश्वरी मेडल पुरस्कार-2026 के लिए चयनित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विशेष रूप से ओजोन प्रदूषण के पौधों पर पड़ने वाले प्रभावों से संबंधित उनके महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध के लिए प्रदान किया जाएगा।

प्रो. अग्रवाल का चयन इंडियन बॉटेनिकल सोसाइटी की ओर से किया गया है। सोसाइटी की सचिव प्रो. (श्रीमती) सेशु लावण्या ने 2 जून 2026 को प्रो. अग्रवाल को भेजे पत्र के माध्यम से उनके चयन की जानकारी दी। पत्र में बताया गया कि इंडियन बॉटेनिकल सोसाइटी की कार्यकारी परिषद तथा पिछले पांच वर्षों में पंचानन माहेश्वरी मेडल प्राप्त करने वाले वैज्ञानिकों ने प्रो. अग्रवाल के नाम की अनुशंसा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित मेडल के लिए की है।

ओजोन प्रदूषण और पौधों पर महत्वपूर्ण शोध

प्रो. एस.बी. अग्रवाल ने वनस्पति विज्ञान और पर्यावरणीय प्रभावों से जुड़े शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध कार्यों में वायुमंडलीय प्रदूषण, विशेष रूप से ओजोन प्रदूषण का वनस्पतियों और पौधों की वृद्धि एवं कार्यप्रणाली पर प्रभाव प्रमुख विषय रहा है।

वर्तमान समय में बढ़ते वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय बदलावों के बीच ओजोन प्रदूषण का वनस्पतियों पर प्रभाव वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण शोध विषय बना हुआ है। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रो. अग्रवाल के दीर्घकालिक वैज्ञानिक योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जा रहा है।

इंडियन बॉटेनिकल सोसाइटी ने अपने पत्र में प्रो. अग्रवाल के सोसाइटी तथा वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

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मैसूर में होगा सम्मान समारोह

प्रोफेसर पंचानन माहेश्वरी मेडल-2026 प्रदान करने का समारोह इंडियन बॉटेनिकल सोसाइटी के 49वें अखिल भारतीय वनस्पति विज्ञान सम्मेलन के दौरान आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन 1 से 3 नवंबर 2026 तक मैसूर स्थित सीएसआईआर-सीएफटीआरआई में आयोजित किया जाएगा।

सम्मेलन के दौरान प्रो. एस.बी. अग्रवाल को मेडल प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही वे लगभग 30 मिनट का पुरस्कार व्याख्यान भी देंगे। उनका व्याख्यान मुख्य रूप से वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में उनके वैज्ञानिक योगदान और शोध कार्यों पर आधारित होगा।

BHU के लिए गौरव की उपलब्धि

प्रो. एस.बी. अग्रवाल का प्रतिष्ठित पंचानन माहेश्वरी मेडल के लिए चयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में प्रो. अग्रवाल को मिला यह सम्मान BHU की शोध परंपरा और वैज्ञानिक योगदान को भी रेखांकित करता है।

उनका शोध पर्यावरण और वनस्पति विज्ञान के बीच संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण माना जाता है। ओजोन प्रदूषण जैसे पर्यावरणीय कारकों का पौधों पर असर आज कृषि, जैव विविधता और पारिस्थितिकी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे विषय पर लंबे समय तक किए गए उनके शोध को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान मिलना वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

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