मेरठ के दो हत्याकांडों में 4 दोषियों को मृत्युदंड, हाईकोर्ट पहुंचे सभी; आगरा और लखनऊ जेल में शिफ्ट करने की तैयारी

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत और अमित कश्यप हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाए चारों दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वालों में मुस्कान, साहिल, रविता और अमरदीप शामिल हैं। इस बीच, मेरठ जेल प्रशासन ने चारों को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, साहिल और अमरदीप को आगरा जेल, जबकि मुस्कान और रविता को लखनऊ स्थित नारी बंदी निकेतन भेजने की योजना है।

चारों दोषियों ने हाईकोर्ट में दी फैसले को चुनौती

दोनों हत्याकांडों में मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद चारों दोषियों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई है। बताया गया है कि अधिवक्ता निधि त्रिवेदी और रविकेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से ये अपीलें दायर की गई हैं।

अब हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाले कानूनी तर्कों पर सुनवाई होगी। जानकारी के अनुसार, अगले सप्ताह सुनवाई की तारीख निर्धारित होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, तारीख तय होने की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही सुनवाई का कार्यक्रम स्पष्ट होगा।

साहिल और अमरदीप को आगरा जेल भेजने की तैयारी

मेरठ जेल प्रशासन ने दोनों पुरुष दोषियों को आगरा जेल स्थानांतरित करने के लिए जेल मुख्यालय से पत्राचार किया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक, इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हालांकि, स्थानांतरण के लिए संबंधित अधिकारियों की अनुमति और प्रशासनिक निर्णय जरूरी हैं। फिलहाल दोनों को आगरा जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं हुई है।

मुस्कान और रविता को लखनऊ के नारी बंदी निकेतन भेजने की योजना

महिला दोषियों मुस्कान और रविता को लखनऊ स्थित नारी बंदी निकेतन में स्थानांतरित करने की तैयारी है। इसके लिए जेल प्रशासन ने डीजी जेल से पत्राचार किया है। स्थानांतरण की आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के निर्णय के अनुसार होगी।

सौरभ राजपूत हत्याकांड में उनकी पत्नी मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। वहीं, अमित कश्यप हत्याकांड में उनकी पत्नी रविता और अमरदीप को मृत्युदंड दिया गया है।

दोनों मामलों ने मेरठ में व्यापक चर्चा पैदा की थी। अब चारों दोषियों की अपील और जेल स्थानांतरण की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजरें

चारों दोषियों की अपील दाखिल होने के बाद मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान निचली अदालत के फैसले और अपील में उठाए गए कानूनी बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।

मृत्युदंड के मामलों में अपील और कानून के तहत आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया का विशेष महत्व होता है। इसलिए अपील दायर होने को सजा में बदलाव या अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

फिलहाल, जेल स्थानांतरण के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया जारी होने की जानकारी है, जबकि हाईकोर्ट में सुनवाई की तारीख और आगे की कार्यवाही की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

महत्वपूर्ण: इस खबर में जेल स्थानांतरण को प्रस्तावित प्रक्रिया के रूप में बताया गया है। संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बिना यह दावा नहीं किया जाना चाहिए कि चारों दोषियों को दूसरी जेल में भेज दिया गया है।

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