‘असफलता से घबराएं नहीं!’ BHU में बजाज जनरल इंश्योरेंस के CEO तपन सिंघेल ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

वाराणसी, 24 अक्टूबर 2026। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के विज्ञान संस्थान के भौतिकी विभाग में शनिवार को पूर्व छात्र एवं बजाज जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD एवं CEO) तपन सिंघेल के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ वैज्ञानिक सोच, नवाचार, नेतृत्व क्षमता तथा व्यावसायिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विचार साझा किए। सत्र में विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने, असफलताओं से सीखने और नए विचारों को व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित किया गया।

वैज्ञानिक सोच और नवाचार से मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणा

बीमा उद्योग में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले तपन सिंघेल बजाज जनरल इंश्योरेंस के प्रमुख के रूप में 14 वर्षों से अधिक समय से नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कंपनी के विकास और बीमा क्षेत्र में नई पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विज्ञान की पृष्ठभूमि रखने वाले सिंघेल ने बैंकएश्योरेंस, पेट इंश्योरेंस और श्योरिटी बॉन्ड इंश्योरेंस जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।

विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि असफलता वैज्ञानिक यात्रा का अभिन्न हिस्सा है। किसी भी नए विचार या प्रयोग के दौरान चुनौतियां आना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ना ही प्रगति का आधार बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनका सामना करने, अपनी गलतियों से सीखने और नए प्रयोग करने का साहस विकसित करने की सलाह दी।

भौतिकी से विकसित होती है विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता

तपन सिंघेल ने भौतिकी की शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विषय विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच और समस्याओं को समझकर उनका समाधान निकालने की क्षमता विकसित करने में सहायक है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण व्यक्ति को तथ्यों के आधार पर सोचने, सवाल पूछने और जटिल परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जिज्ञासा बनाए रखने, स्वतंत्र रूप से सोचने और अनजान परिस्थितियों में भी पहला कदम उठाने का साहस विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीखने की प्रक्रिया केवल कक्षा और प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जीवन के प्रत्येक अनुभव से ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।

पूर्व छात्रों की भूमिका संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण: प्रो. संजय कुमार

विज्ञान संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रो. संजय कुमार ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के विकास में पूर्व छात्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र केवल संस्थान के पूर्व विद्यार्थी नहीं होते, बल्कि वे उसकी निरंतर विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा होते हैं।

उन्होंने बताया कि पूर्व छात्रों का व्यावसायिक अनुभव, मार्गदर्शन, उद्योग जगत से संपर्क और योगदान वर्तमान विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध करा सकता है। इससे शैक्षणिक कार्यक्रमों को मजबूत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और शिक्षा तथा उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलती है।

प्रो. कुमार ने तपन सिंघेल द्वारा संस्थान की छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए दिए गए उदार आर्थिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की सहायता विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है और समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

विद्यार्थियों को मिला उद्योग जगत से जुड़ने का अवसर

इस संवाद सत्र ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक अनुभवी उद्योग विशेषज्ञ के विचार जानने तथा वैज्ञानिक शिक्षा, पेशेवर उपलब्धियों और संस्थान निर्माण के बीच संबंधों को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम ने पूर्व छात्रों के अनुभवों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमताओं से जोड़ने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

बीएचयू में इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभवों से परिचित कराने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक हैं। साथ ही, पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक योगदान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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