वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने की घोषणा अप्रैल 2023 में की गई थी। अगस्त 2023 में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को इसके निर्माण का ठेका मिला। इसके बाद 23 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टेडियम की आधारशिला रखी थी। इस अवसर पर सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और दिलीप वेंगसरकर जैसे क्रिकेट दिग्गजों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा बीसीसीआई के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे थे।
परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने रिंग रोड फेज-2 के पास राजातालाब क्षेत्र में लगभग 30 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी। जमीन की लागत करीब 121 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि स्टेडियम के निर्माण पर लगभग 330 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
डमरू और त्रिशूल की झलक के साथ तैयार हो रहा स्टेडियम
गंजारी स्टेडियम की वास्तुकला में काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को स्थान दिया गया है। इसकी डिजाइन में भगवान शिव के डमरू और त्रिशूल से प्रेरित तत्व शामिल किए गए हैं। उपलब्ध निर्माण संबंधी जानकारी के अनुसार, दर्शक दीर्घा के आधार, डमरू की आकृति से प्रेरित पवेलियन और त्रिशूल के आकार वाले प्रकाश स्तंभों पर काम आगे बढ़ चुका है। मैदान और पिच से जुड़े कार्य भी निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
स्टेडियम तैयार होने के बाद वाराणसी और पूर्वांचल के क्रिकेट खिलाड़ियों को बड़े स्तर की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के आयोजन से क्षेत्र में खेल गतिविधियों और खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

नवंबर में रणजी मैच की संभावना, बीसीसीआई करेगा निरीक्षण
स्टेडियम में पहला क्रिकेट मुकाबला आयोजित कराने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की निरीक्षण टीम मैदान, पिच, खिलाड़ियों की सुविधाओं, दर्शक व्यवस्था और अन्य तकनीकी मानकों का आकलन कर सकती है। सभी जरूरी मानक पूरे होने पर नवंबर में रणजी ट्रॉफी मुकाबले की मेजबानी की संभावना है। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी गंजारी को आधिकारिक मैच स्थल घोषित नहीं किया है।
बिजली आपूर्ति के लिए 13.87 करोड़ रुपये की योजना
स्टेडियम की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से अलग 33 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाने की योजना है। इसकी अनुमानित लागत 13.87 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित उपकेंद्र की क्षमता 10 एमवीए होगी और इसमें पांच-पांच एमवीए के दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसे राजातालाब स्थित 132 केवी पारेषण उपकेंद्र से बिजली मिलेगी।
इस व्यवस्था से स्टेडियम को बिजली उपलब्ध कराने के साथ आसपास के गांवों की आपूर्ति को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। संबंधित जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। निर्माण के लिए राशि जारी होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।
गंजारी स्टेडियम का निर्माण पूरा होने और उसे क्रिकेट आयोजनों के लिए मंजूरी मिलने के बाद काशी को एक नया खेल केंद्र मिल सकता है। फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की नजरें निर्माण की प्रगति, उद्घाटन की आधिकारिक तारीख और पहले मुकाबले की घोषणा पर टिकी हैं।
