दवा के पत्ते पर बनी लाल पट्टी को न करें नजरअंदाज, आपकी सेहत से जुड़ा है इसका खास मतलब

नई दिल्ली। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदते समय ज्यादातर लोग दवा का नाम, कीमत और एक्सपायरी डेट जरूर देखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी दवा के पत्ते या पैकेट पर बनी लाल रंग की सीधी पट्टी पर ध्यान दिया है? कई लोग इसे सामान्य डिजाइन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ दवाओं पर यह निशान एक जरूरी चेतावनी देता है।

दवा की पैकिंग पर मौजूद यह संकेत बताता है कि संबंधित दवा के इस्तेमाल और बिक्री से जुड़े विशेष नियम हो सकते हैं। इसलिए दवा खरीदते समय केवल एक्सपायरी डेट देखना ही पर्याप्त नहीं है। लेबल पर लिखे निर्देशों और चेतावनियों को समझना भी उतना ही जरूरी है।

लाल पट्टी का क्या होता है मतलब?

भारत में कुछ दवाओं की पैकिंग पर बाईं ओर लाल रंग की सीधी पट्टी दी जाती है। यह आम तौर पर प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा का संकेत है। यानी ऐसी दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और निर्धारित पर्चे के अनुसार किया जाना चाहिए। कई दवाओं के लेबल पर यह भी स्पष्ट लिखा होता है कि इन्हें पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही बेचा जाना चाहिए।

ऐसी दवाओं को अपनी मर्जी से लेना नुकसानदेह हो सकता है। गलत दवा, गलत खुराक या जरूरत से ज्यादा समय तक दवा लेने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं। कुछ दवाओं के मामले में गलत इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

हर लाल निशान का मतलब एक जैसा नहीं

दवा की पैकिंग पर लाल रंग दिखाई देने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि वह विशेष प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा है। रंगीन डिजाइन, लोगो और अन्य चेतावनी चिह्न अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल रंग देखकर दवा की श्रेणी तय न करें। पैकेट पर लिखे निर्देश, दवा का नाम, सक्रिय घटक और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

दवा खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

दवा लेने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट और पैकेट की स्थिति जांचें। दवा का नाम, खुराक, कंपोजिशन और इस्तेमाल से जुड़ी चेतावनियां पढ़ें। यदि पैकिंग पर कोई निर्देश समझ नहीं आता, तो फार्मासिस्ट या डॉक्टर से पूछें। किसी दूसरी बीमारी के लिए पहले लिखी गई दवा को दोबारा लेने से पहले भी चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

पुराने पर्चे से खुद दवा लेना क्यों हो सकता है जोखिम भरा?

कई लोग पुरानी बीमारी के दौरान डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा को लक्षण दोबारा दिखने पर खुद ही लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन एक जैसे लक्षणों के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं और हर बार वही दवा उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ दवाओं की खुराक उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और दूसरी दवाओं के इस्तेमाल के आधार पर बदल सकती है।

इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा शुरू न करें, न ही किसी दूसरे व्यक्ति की दवा इस्तेमाल करें। दवा की सही जानकारी और सावधानी ही सुरक्षित उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। याद रखें, एक्सपायरी डेट जांचना जरूरी है, लेकिन दवा के लेबल पर दिए गए निर्देशों को समझना भी आपकी सेहत की सुरक्षा के लिए उतना ही अहम है।

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