भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में कहा कि एक समय अमेरिका में यह सोच थी कि भारत के पास बहुत सारे विकल्प नहीं होने चाहिए और नई दिल्ली को वॉशिंगटन के साथ अपने रिश्तों पर ध्यान देना चाहिए, जबकि अमेरिका खुद हमेशा से अपने विकल्प खुले रखता आया है.
एस जयशंकर ने कहा, “अमेरिका में एक समय यह सोच थी कि हमें यह पसंद नहीं है कि भारत के पास बहुत सारे विकल्प हों. हम चाहते हैं कि आप हमारे साथ अपने रिश्तों पर ध्यान दें, भले ही अमेरिका ने अपने विकल्प खुले रखे हों. आज वह दिखावा खत्म हो गया है.”
‘मल्टीपोलर दुनिया की ओर बढ़ रहे हम’
जयशंकर ने कहा, “हर कोई खुले तौर पर एक-दूसरे के साथ काम कर रहा है.” उन्होंने आगे कहा, ” इसी तरह हम एक मल्टीपोलर (बहुध्रुवीय) दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं.” जयशंकर ने सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं. इस कार्यक्रम में उनके साथ पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के लिए अमेरिका के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट डैनियल रसेल भी मौजूद थे.

भारत-अमेरिका की तुलना करते हुए क्या कहा ?
भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि कूटनीति के ऐसे दिखावे अब खत्म हो गए हैं और देश अब एक-दूसरे के साथ खुलकर जुड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बहुध्रुवीय दुनिया की ओर हो रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है. इस कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के विविध नेटवर्क को एक साथ संभालकर उस तरीके को अपनाया है, जिसका पालन भारत लंबे समय से करता आ रहा है.
वॉशिंगटन की विदेश नीति के नजरिए में बदलाव
सोमवार को न्यूयॉर्क में ‘एशिया सोसाइटी’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जयशंकर ने वॉशिंगटन की विदेश नीति के नजरिए में आए बदलाव की ओर इशारा किया. चीन, रूस, यूक्रेन और एशिया व यूरोप के अन्य हिस्सों के साथ अमेरिका के व्यवहार का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा, “आज वॉशिंगटन उसी तरीके को बहुत उत्साह के साथ अपना रहा है, जिसके बारे में लोग पहले भारत के बारे में कहा करते थे. उन्होंने आगे कहा, “असल में वॉशिंगटन वही कर रहा है जो भारत पहले से करता आ रहा है.”
