नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर से देश में फ्लाइंग बस चलाने की इच्छा जताई है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि वे देश में एक ऐसा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम लाना चाहते हैं, जिसक तहत बसें हवा में उड़ सकें। नितिन गडकरी ने कहा कि मैं ट्रांसपोर्ट मंत्री हूं और मैं सोच रहा हूं कि चार लोग बैठेंगे बिल्डिंग के ऊपर और गच्चे से उड़ जाएंगे और उड़कर मेरे घर पर आएंगे और मैं उड़कर एयरपोर्ट चला जाऊंगा।
अब आप इसलिए हंस रहे हैं क्योंकि आपको लगेगा कि यह कैसे संभव होगा। मैं हवा में उड़ने वाली बस चलाना चाहता हूं, जो कि 250 लोग ऊपर के ऊपर जाएं। तो क्या है कि टेक्नोलॉजी इनोवेशन रिसर्च के कारण परिवर्तन होता है और परिवर्तन सृष्टि का अलिखित नियम है।

भीषण ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
नितिन गडकरी के मुताबिक वे देश में भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम लाना चाहते हैं। इसी के तहत वे देश में रोपवे, केबल कार और फ्लाइंग बस जैसी सुविधा लाना चाहते हैं। हालांकि, नितिन गडकरी ने अभी सिर्फ इच्छा जताई है लेकिन इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की है।
क्या किसी दूसरे देश में फ्लाइंग बस चलती है?
रिपोर्ट के मुताबिक अभी दुनिया के किसी देश में इस तरह की सुविधा नहीं है। हालांकि, जापान में ऊंची इमारतों के लिए अत्याधुनिक और बेहद तेज गति वाले एलिवेटर सिस्टम का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। वैसे जापान भविष्य में दूसरे विकल्प पर भी ट्रायल कर रहा है।
इसके अलावा उच्च गति वाली वर्टिकल ट्रांसपोर्टेशन और आधुनिक एस्केलेटर तकनीक दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे घनी आबादी और ऊची इमारतों वाले देशों में भी बड़े पैमान पर उपयोग की जाती है।
