नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी, लेकिन इस अहम मैच पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है—क्या पूरा मैच खेला जा सकेगा या मौसम रोमांच पर पानी फेर देगा?
सीरीज के पहले चार मुकाबलों के बाद दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर हैं। ऐसे में पांचवां मुकाबला सीरीज का विजेता तय करेगा। हालांकि, बेंगलुरु में बारिश और गरज के साथ बौछारों की आशंका ने मुकाबले को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होना निर्धारित है।
बेंगलुरु में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार को बेंगलुरु में तापमान लगभग 20 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दोपहर और शाम के समय बारिश की संभावना मैच की शुरुआत में बाधा डाल सकती है। यदि बारिश कुछ समय के लिए होती है, तो मुकाबला देरी से शुरू हो सकता है या ओवरों में कटौती करनी पड़ सकती है।
हालांकि, मौसम का पूर्वानुमान बदल सकता है। मैच के आयोजन पर वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि बारिश कब शुरू होती है, कितनी देर तक रहती है और उसकी तीव्रता कितनी होती है।

क्या बारिश से धुल सकता है निर्णायक मुकाबला?
अगर बारिश के कारण मैच नहीं हो पाता, तो सीरीज के परिणाम पर भी असर पड़ेगा। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि मुकाबला पूरी तरह रद्द हो जाएगा। यदि बारिश रुकती है और मैदान खेलने योग्य हो जाता है, तो मैच दोबारा शुरू किया जा सकता है। सीमित ओवरों का मुकाबला भी सीरीज का नतीजा तय करने का मौका दे सकता है।
प्रशंसकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मैच रद्द होने की स्थिति में संयुक्त विजेता घोषित किए जाएंगे या कोई अन्य फैसला लागू होगा, यह संबंधित प्रतियोगिता के आधिकारिक नियमों पर निर्भर करेगा।
चिन्नास्वामी स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम देगा राहत?
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम बारिश के बाद मैदान से पानी निकालने में मदद करता है। इससे बारिश रुकने के बाद खेल दोबारा शुरू करने में लगने वाला समय कम हो सकता है। हालांकि, लगातार तेज बारिश या गरज के साथ बौछारें होने पर मैदान तैयार करने में देरी संभव है।
दूसरी पारी में ओस भी बन सकती है चुनौती
बारिश के अलावा ओस भी मैच के समीकरण को प्रभावित कर सकती है। शाम और रात में ओस पड़ने पर गेंद गीली हो सकती है, जिससे गेंदबाजों को उसे पकड़ने और नियंत्रित करने में परेशानी आ सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम के लिए पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का फैसला अहम हो सकता है।
अब सभी की निगाहें बेंगलुरु के मौसम पर टिकी हैं। भारत और वेस्टइंडीज दोनों चाहेंगे कि बारिश बाधा न बने और प्रशंसकों को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में पूरा रोमांच देखने को मिले।
