प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पर अपने समर्थकों और उनके साथ मौजूद अन्य सांसदों के साथ बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने का आरोप भी लगा। करीब आठ घंटे से ज्यादा समय तक धरना देने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत करीब 260 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। अब बुधवार को राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ मल्लिकार्जुन खरगे के लंच के बाद बड़ा ऐलान किया है। राहुल गांधी ने कहा है कि विपक्ष आज जंतर-मंतर पर कूच करेगा और वहां पर प्रदर्शन करेगा।
क्या बोले राहुल गांधी?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी INDI गठबंधन के सांसदों के विरोध पर कहा, “कल चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे। वो हमसे नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने हमें रोका और कहा कि आप यहां प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। जंतर-मतंर पर जाकर आज फिर से बैठें और देश को बताएं कि हमारे लिए ज्ञानेश कुमार जी देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने देश के लोकतंत्र को खत्म किया है। मैंने कल भी कहा था कि जिन्होंने यह काम किया है वो देशद्रोही हैं। हम इन पर एक्शन लेंगे। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा। मेरे पास 45 FIR हैं और मेरा लक्ष्य है कि मुझे 100 FIR चाहिए। हर FIR मेरे लिए एक मेडल है।”

चलिए जानते हैं 6 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या हुआ?
- आकाशवाणी भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यू पुलिस लाइन किंग्सवे कैम्प भेजा, जहां से बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया.
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- दिल्ली पुलिस: प्रदर्शन की कोई लिखित अनुमति नहीं दी गई थी, धारा 163 BNSS का उल्लंघन करने तथा आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति प्रवेश करने के कारण 10 सांसदों सहित लगभग 260 लोगों को हिरासत में लिए गए थे.
- चुनाव आयोग का रुख: चुनाव आयोग ने बताया कि शाम 4 बजे तक किसी दल ने मिलने का लिखित समय नहीं मांगा था; बाद में दिल्ली पुलिस के माध्यम से 240 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल और बैठक स्थल संसद भवन एनेक्सी की जानकारी मिलने पर सुरक्षा व प्रबंधकीय कारणों से प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया गया, हालांकि आयोग ने ज्ञापन लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भेजने का विकल्प दिया था जिसे सांसदों ने नहीं माना.
- प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष की मांग चुनाव प्रक्रिया में धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर मिलने की थी, लेकिन पुलिस का इस्तेमाल लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है.
- भाई राहुल गांधी के लिए जब प्रियंका गांधी डिटेंशन सेंटर के गेट पर चढ़ीं तो मजबूरन पुलिस ने गेट खोला, जहां राहुल पहले से मौजूद थे.
- राहुल गांधी का X POST- लोकतंत्र के गद्दारो को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है. हिसाब होगा- एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा.
- पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, केसी वेणुगोपाल, कोडिकुन्निल सुरेश और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित विपक्ष के कई नेता व सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर बस के अंदर और बाहर नारेबाजी करते नजर आए.
- टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने वीडिओ पोस्ट के जरिए दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी करने और जबरन बस में लादकर किंग्सवे कैम्प ले जाने का आरोप लगाया.
- टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने जानकारी दी कि हिरासत में लिए गए सभी सांसदों को छोड़ दिया गया है और I.N.D.I.A. गठबंधन एकजुट होकर अपनी लड़ाई जारी रखेगा.
- पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि मुलाकात न करने का फैसला आगे भारी पड़ेगा और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
- पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से सवाल किया कि वे नेता प्रतिपक्ष से मिलने से क्यों बच रहे हैं और पारदर्शिता का पालन नहीं कर रहे है I
