वाराणसी में दूध कारोबारी राजेश पटेल हत्याकांड का खुलासा, छोटे बेटे शिवम और उसके एक साथी को पुलिस ने किया गिरफ्तार; मोबाइल फोन की जांच से सामने आई अहम कड़ी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शिवपुर थाना क्षेत्र के पिसौर में दूध और मवेशी कारोबारी राजेश पटेल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय राजेश पटेल की हत्या में उनके छोटे बेटे शिवम की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि घरेलू विवाद और पिता के व्यवहार से नाराज होकर शिवम ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने शिवम और उसके साथी रमेश बादशाह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी और वारदात में इस्तेमाल असलहे की तलाश जारी है।
22 अक्टूबर की रात घर के बाहर सोते समय मारी गई थी गोली
पुलिस के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात पिसौर में राजेश पटेल अपने कमरे के बाहर चौकी पर सो रहे थे। इसी दौरान वह गंभीर रूप से घायल मिले। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू हुआ। शुरुआती जांच में सिर की चोट का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। 24 अक्टूबर की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर में गोली लगने की बात सामने आई। इससे मामला हत्या का होने की पुष्टि हुई। मृतक के छोटे भाई सुरेंद्र कुमार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घरेलू विवाद को बताया जा रहा हत्या की वजह
पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित घटनाक्रम के अनुसार, राजेश पटेल का परिवार में विवाद रहता था। आरोप है कि उन्होंने बड़े बेटे शुभम को प्रेम विवाह करने के बाद घर से निकाल दिया था। वहीं, वह अपनी पत्नी और छोटे बेटे शिवम के साथ भी मारपीट करते थे।
पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं से नाराज शिवम करीब छह महीने से अपने दोस्त रमेश बादशाह से पिता की हत्या करने की बात कह रहा था। शुरुआत में रमेश कथित तौर पर टालमटोल करता रहा, लेकिन बाद में उसने एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, राजेश पटेल को गोली रमेश बादशाह ने मारी थी।
बेटे के मोबाइल फोन से पुलिस को मिला अहम सुराग
हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के छोटे बेटे शिवम की भूमिका संदिग्ध लगी। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने शिवम के मोबाइल फोन की भी जांच की। बताया गया कि घटना वाली रात वह फोन पर एक लड़की से बातचीत कर रहा था। मोबाइल से मिली जानकारी और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद मामले में उसकी कथित भूमिका सामने आई।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद मृतक की पत्नी ने शुरुआत में पुलिस और अपने देवर से कुछ तथ्य छिपाए थे। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
गिरफ्तारी के बाद तीसरे आरोपी की तलाश
आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी होने पर मृतक के परिजनों ने शनिवार रात पिसौर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक के अनुसार, हत्या के मामले में शिवम और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी और इस्तेमाल किए गए असलहे की बरामदगी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
पुलिस की जांच अभी जारी है। मामले में आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी
