UP Weather Alert: 28 अक्टूबर से बदलेगा मौसम, पूर्वांचल में 29-30 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट!

उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से 28 अक्टूबर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।

प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विशेष संदेश जारी कर प्रदेश में संभावित बारिश को लेकर जानकारी दी है। मौसम में बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ निम्न दबाव क्षेत्र बताया गया है। इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, बारिश का असर जिले और दिन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

28 अक्टूबर से पूर्वांचल में शुरू हो सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 31 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने के आसार हैं।

वाराणसी, बलिया और प्रयागराज समेत पूर्वांचल के जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत हो सकती है। हालांकि, इन सभी जिलों में भारी बारिश होने की एक समान पुष्टि नहीं है। लोगों को अपने जिले के लिए जारी होने वाले ताजा मौसम बुलेटिन और स्थानीय चेतावनियों के आधार पर ही तैयारी करनी चाहिए।

50 किमी/घंटा तक चल सकती हैं तेज हवाएं

बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 से 31 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी 29 से 31 अक्टूबर के बीच हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। ऐसे में खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, किसानों और यात्रा करने वालों को मौसम की परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए।

किसानों और आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

अचानक बारिश और तेज हवाओं के कारण खुले में रखी वस्तुओं, कृषि गतिविधियों और दैनिक आवागमन पर असर पड़ सकता है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें।

गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित, पक्के भवन के भीतर शरण लें। तेज हवा या भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। किसानों को फसलों की सुरक्षा, कटाई और अन्य कृषि कार्यों के संबंध में स्थानीय कृषि विभाग तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।

मौसम अपडेट पर रखें नजर

अक्टूबर के अंतिम दिनों में संभावित बारिश को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के नियमित अपडेट और जिलेवार चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। बारिश की वास्तविक तीव्रता और उसका स्थानीय प्रभाव मौसम प्रणाली की स्थिति के अनुसार बदल सकता है। इसलिए किसी भी यात्रा या कृषि संबंधी निर्णय से पहले ताजा पूर्वानुमान की जांच करना बेहतर होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *