मेरठ। मंगल पांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 4.63 लाख के नकली नोट की जांच हुई तो पता चला कि 500 और 100 के नकली नोटों को बीच से काटकर आधा नकली तो आधा असली नोट चिपकाया गया है। बारीकी से जांच करने पर ये नोट पकड़ में आए। इन नोटों को जांच के लिए मध्य प्रदेश के देवास की लैब भेजा जाएगा।
आखिर कहां से आ रहे नकली नोट, 2024 में भी मिले थे
पहले सहारनपुर के पीएनबी और अब मेरठ के एक्सिस बैंक में नकली नोट मिलना बेहद चिंता का विषय है। सवाल यह है कि यह नकली नोट आखिर कहां से आ रहे हैं।
सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार, मंगल पांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में दिसंबर 2024 को भी निरीक्षण हुआ था। यहां जमा होने वाली करेंसी को जांचा गया था। जांच में सामने आया था कि 2024 में भी यहां 2.37 लाख रुपये नकली मिले थे।

पुलिस की जांच में सामने आया था कि अलग अलग बैंकों से यह नकली नोट आए थे। जिन बैंकों से यह नकली नोट आए थे, उन बैंकों के नाम अभी तक भी सार्वजनिक नहीं किए गए है। जबकि 2024 में ही सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
उधर, सिविल लाइन थाना प्रभारी अरुण भाटी ने बताया कि नोटों को जांच के लिए मध्य प्रदेश की देवास की लैब में भेजा जाएगा। वहां से आने वाली जांच रिपोर्ट को चार्जशीट में शामिल किया जाएगा।
बता दें कि सहारनपुर के घंटाघर स्थित पीएनबी की शाखा में भी लगभग 17 करोड़ रुपये नकली मिले थे। जिसमें दो आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, अभी पूरे मामले की जांच चल रही है। सवाल यह है कि आखिर यह नकली नोट कहां से आ रहे हैं। कहीं इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है।
